तेरी चाहत ने मुझे किया है दिवाना,
इसी ने बनाया है मुझे अपनों से बेगाना,
पर मुझे अब तक समझ आया,
वों तेरा नज़रे मिला के पलके झुकाना|
***
जुल्फों के साये में, आखों में डूब के,
जिंदगी अपनी हम बिता देंगें|
लाने को लबो पे हँसी तेरे
हम अपनी जान तक लूटा देंगें|
2001

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1 comments:

    संजय भास्कर said...

    दिल के सुंदर एहसास
    हमेशा की तरह आपकी रचना जानदार और शानदार है।

  1. ... on October 11, 2010 at 10:24 PM